संस्कृत विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति संरक्षण का संदेश

 संस्कृत विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति संरक्षण का संदेश

 संस्कृत विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्रप्रेम और भारतीय संस्कृति संरक्षण का संदेश

 *प्रयागराज।* केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, प्रयागराज द्वारा चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के पास *‘घर-घर तिरंगा’* कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए लोगों को राष्ट्रध्वज के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम के लिए जागरूक किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के प्रोफेसर *रामकृष्ण पांडेय* ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण में संस्कृत की महत्वपूर्ण भूमिका है। संस्कृत के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम लोगों में राष्ट्रप्रेम के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता और चेतना पैदा करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपरा की आधारशिला है। आज के युवाओं को संस्कृत के अध्ययन के लिए आगे आना चाहिए, ताकि देश की सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने में वे अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने *‘हर घर तिरंगा’* अभियान का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया और लोगों से अपने घरों पर तिरंगा फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान एवं गौरव व्यक्त करने की अपील की।