RTI 2005 के तहत सवाल, PVVNL विभाग ने तथ्य छुपाने का किया प्रयास
RTI 2005 के तहत सवाल, PVVNL विभाग ने तथ्य छुपाने का किया प्रयास
जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 RTI(POI) के माध्यम से सूचना मांगी गई किंतु पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड विभागीय अधिकारियों द्वारा जवाब के रूप में तथ्यों को छुपाने के लिए सही जवाब भी नहीं दिया गया जबकि सूचना पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से (विभागों) से मांगी गई थी विभागों द्वारा पत्र जारी करके यह कह कर के पत्र वापस किया गया की मांगी गई सूचना m/s Jakson लिमिटेड प्रयागराज से संबंधित थी सूचना उपलब्ध कराने के लिए m/s Jakson लिमिटेड को निर्देशित किया गया है इसके पश्चात दूसरी बार भी सूचना प्राप्त करने के लिए प्रार्थना पत्र किया गया जिस पर अधीक्षण अभियंता पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा जन सूचना अधिकारी (POI) को पत्र के जरिए निर्देशित किया, की 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध कराई जाए जिसमे प्रतिदिन से लेकर अधिकतम 25000 तक fine लगा ये जाने का पत्र जारी किया इसके पश्चात भी सूचना प्राप्त नहीं कराई गई जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मुख्य सचिव कार्यालय उत्तर प्रदेश शासन को भी सूचना प्राप्त करने के लिए दी गई किंतु उसे पर भी हीला हवाली की गई क्या यही जन सूचना अधिकार अधिनियम जनता के लिए बनाया गया है जिसमें तथ्य का पता ना चले मिली भगत करके भ्रष्टाचार करते रहें!
